Bank Account Rules 2026: Bank Account Rule Shock 2026 1 मार्च से SBI, PNB और Bank of Baroda के न्यूनतम बैलेंस नियमों में बड़े बदलाव हो रहे हैं। जानें पेनल्टी से बचने के तरीके और किसे मिलेगी छूट।
भारत के बैंकिंग क्षेत्र में 1 मार्च, 2026 से एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. देश के प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक जैसे State Bank of India (SBI), Punjab National Bank (PNB) और Bank of Baroda (BoB) अपने न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance) नियमों में संशोधन करने की तैयारी में हैं.
इस अपडेट का सीधा असर करोड़ों बचत खाताधारकों पर पड़ेगा, जिससे उनकी मासिक बैंकिंग लागत प्रभावित हो सकती है. यदि आप भी इन बैंकों के ग्राहक हैं, तो पेनल्टी से बचने के लिए इन नए नियमों को समझना बेहद जरूरी है.
न्यूनतम बैलेंस (Minimum Balance) क्या है?
न्यूनतम बैलेंस का अर्थ उस औसत मासिक राशि से है जो एक ग्राहक को अपने बचत खाते में बनाए रखनी अनिवार्य होती है. यदि खाताधारक का बैलेंस निर्धारित सीमा से नीचे गिरता है, तो बैंक खाते के प्रकार और शाखा की श्रेणी (Branch Category) के आधार पर ‘नॉन-मेंटेनेंस पेनल्टी’ (Non-maintenance penalties) वसूलते हैं.
1 मार्च 2026 से क्या बदलाव संभव हैं?
सरकारी अधिसूचनाओं और बैंक रिपोर्टों के अनुसार, निम्नलिखित बदलाव देखने को मिल सकते हैं:
किसे मिलेगी इन नियमों से छूट?
आमतौर पर, बैंक कुछ विशेष श्रेणियों के खातों को न्यूनतम बैलेंस के नियमों से मुक्त रखते हैं:
- बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट अकाउंट (BSBD): ये जीरो बैलेंस खाते होते हैं.
- जन धन खाते (Jan Dhan Accounts): इनमें कोई बैलेंस रखना अनिवार्य नहीं है.
- सैलरी अकाउंट: कुछ विशेष अनुबंधों के तहत खुले सैलरी खाते.
- वरिष्ठ नागरिक: कुछ मामलों में वरिष्ठ नागरिक या पेंशन खातों को छूट दी जा सकती है.
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प्रमुख बैंकों पर प्रभाव (Bank-wise Impact)
1. State Bank of India (SBI)
SBI समय-समय पर अपनी नीतियों की समीक्षा करता है. हालांकि बेसिक खातों पर जीरो बैलेंस की सुविधा जारी रह सकती है, लेकिन नियमित बचत खातों के लिए नए औसत बैलेंस नियम लागू हो सकते हैं.
2. Punjab National Bank (PNB)
PNB अपने खातों को स्थान (Metro, Urban, Rural) के आधार पर वर्गीकृत करता है. 1 मार्च से इनकी पेनल्टी दरों में बदलाव की संभावना है.
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3. Bank of Baroda (BoB)
BoB के ग्राहकों को भी बैलेंस आवश्यकताओं या संबंधित सेवा शुल्कों में बदलाव देखने को मिल सकता है.
पेनल्टी से कैसे बचें? (Important Tips)
अगर आप अनावश्यक कटौती से बचना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान रखें:
- मासिक औसत बैलेंस बनाए रखें: अपने खाते में बैंक द्वारा निर्धारित न्यूनतम राशि रखें.
- जीरो बैलेंस खाते का चुनाव: यदि संभव हो, तो जीरो बैलेंस अकाउंट (BSBD) में स्विच करें.
- नियमित मॉनिटरिंग: अपने खाते के बैलेंस की नियमित जांच करें और ‘लो बैलेंस अलर्ट’ सेट करें.
- खाता अपग्रेड: जरूरत पड़ने पर अपने खाते के प्रकार को बदलें या अपग्रेड करें.
बैंक ये नियम क्यों बदलते हैं?
बैंक अपनी परिचालन लागत (Operational Costs), सेवाओं के विस्तार और नियामक दिशानिर्देशों (Regulatory Guidelines) के आधार पर इन नियमों में बदलाव करते हैं. इनका उद्देश्य बेहतर ग्राहक सेवा और बैंकिंग प्रणाली की स्थिरता बनाए रखना है.
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अस्वीकरण (Disclaimer): यह लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है. न्यूनतम बैलेंस नियम और पेनल्टी स्ट्रक्चर अलग-अलग बैंकों की आधिकारिक अधिसूचनाओं पर निर्भर करते हैं. किसी भी बैंक कार्रवाई से पहले हमेशा अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से विवरण की पुष्टि करें.




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